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धनबाद में ‘गैंग ऑफ वासेपुर’ पर पुलिस का कड़ा एक्शन, नेटवर्क को उखाड़ फेंकने के लिए छापेमारी

*धनबाद:* झारखंड के अपराध जगत में वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान का नेटवर्क ध्वस्त करने के लिए धनबाद पुलिस ने सोमवार को तड़के जोरदार कार्रवाई की। सुबह करीब पांच बजे शहर के वासेपुर, पांडरपाला, भूली समेत कई संवेदनशील इलाकों में एक साथ छापेमारी शुरू की गई।

यह अभियान प्रिंस के गुर्गों, उसे आर्थिक मदद देने वालों और सफेदपोश समर्थकों के खिलाफ था। यह लोग लंबे समय से पुलिस की नजरों में थे।

पुलिस के इस सघन अभियान का नेतृत्व सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी ने संभाला। इसमे डीएसपी स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस बल के साथ खुफिया इकाइयों की टीमें शामिल रहीं। सूत्रों के अनुसार, दर्जन भर से अधिक ठिकानों पर दबिश दी गई। इन स्थानों से महत्वपूर्ण सुराग और सामग्री बरामद होने की उम्मीद है। यह कार्रवाई प्रिंस खान के गुर्गों और उसके पुराने नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए की जा रही है। प्रिंस के गुर्गे वासेपुर की सड़कों पर दहशत का पर्याय बने हुए हैं। वे प्रिंस खान के इशारे पर व्यवसायियों से रंगदारी वसूलतें हैं और प्रिंस खान तक पहुंचाते हैं।

कई ठिकानों पर पुलिस ने दी दबिश

वासेपुर पांडरपाला के भट्ठा मोहल्ला इलाके में जमीन कारोबारी मोहम्मद कैश के आलीशान आवास पर पुलिस की टीम ने बहुत सुबह धावा बोला। बताया जा रहा है कि मोहम्मद कैश पर प्रिंस को जमीन सौदों से आर्थिक सहायता देने का शक पुलिस को लंबे समय से है। पांडरपाला क्षेत्र के फल कारोबारी वसीम के घर पर भी छापा मारा गया। वसीम की वासेपुर के आरा मोड़ पर स्थित फल दुकान की कड़ी तलाशी ली गई, जहां से संदिग्ध लेनदेन के दस्तावेज बरामद हो सकते हैं। वासेपुर के गुलजारबाग में बाबू खान के निवास पर अलसुबह पहुंची पुलिस टीम ने पूरे इलाके को घेर लिया। इन ठिकानों पर छापेमारी के दौरान स्थानीय लोग भयभीत नजर आए। वासेपुर का यह इलाका अक्सर अपराधों की दुनिया में सुर्खियां बटोरता रहता है।

पुलिस ने प्रिंस के इन गुर्गों को लिया हिरासत में

पुलिस की कार्रवाई के दौरान पशु व्यापार से जुड़े नदीम खान और शाहरुख को हिरासत में ले लिया गया। इन दोनों पर प्रिंस के नेटवर्क को धन उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस इन दोनों से पूछताछ करेगी। संभावना है कि पूछताछ से कई बड़े राज खुल सकते हैं। प्रिंस के अपराध का साम्राज्य कोयला कारोबारियों, जमीन और अन्य व्यवसायों से रंगदारी वसूली पर टिका है। वसूले गए पैसे हवाला के जरिए प्रिंस खान तक पहुंचाए जाते हैं। कई अन्य संदिग्धों से भी पुलिस की पूछताछ जारी है। तलाशी में नकदी के बंडल बरामद होने की अनधिकृत जानकारी मिल रही है। पुलिस ने इस बारे में अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

प्रिंस खान का आपराधिक इतिहास

प्रिंस खान वासेपुर के उस अपराधी का नाम है, जो गैंगवार, हत्या और जबरन वसूली के मामलों से जुड़ा है। कुछ साल पहले सामान्य लड़के प्रिंस खान ने अचानक अपराध की दुनिया में कदम रखा था। वह धनबाद बोकारो समेत कई जिलों के व्यवसायियों से फोन कॉल करके रंगदारी की मांग करने लगा। रंगदारी की रकम नहीं मिलने पर प्रिंस अपने गुर्गों से उन पर गोलियां चलवाता, हत्या कराता और फिर सोशल मीडिया में सामने आकर इन घटनाओं की जिम्मेदारी लेता था।

दुबई से अपना नेटवर्क चला रहा प्रिंस

प्रिंस का रंगदारी वसूली का यह सिलसिला लगातार जारी रहा। इससे धनबाद समेत पूरे झारखंड में खासकर व्यवसायी वर्गों में खौफ बना रहा। पुलिस ने प्रिंस खान पर जब दबाव बनाया तो वह दुबई भाग गया और अब वह दुबई से ही अपना नेटवर्क संचालित कर रहा है। यहां उसके गुर्गे व्यवसायों से रंगदारी की वसूली करते हैं और फिर प्रिंस तक हवाला के जरिए पहुंचा देते हैं। पुलिस प्रिंस के गुर्गों को गिरफ्तार करती है और उनको जेल भेज देती है। वे जेल से बाहर आने के बाद फिर से सक्रिय हो जाते हैं। हालांकि पुलिस का इस बार का प्रहार प्रिंस खान की कमर तोड़ने वाला साबित हो सकता है।

प्रिंस का रंगदारी वसूली का यह सिलसिला लगातार जारी रहा। इससे धनबाद समेत पूरे झारखंड में खासकर व्यवसायी वर्गों में खौफ बना रहा। पुलिस ने प्रिंस खान पर जब दबाव बनाया तो वह दुबई भाग गया और अब वह दुबई से ही अपना नेटवर्क संचालित कर रहा है। यहां उसके गुर्गे व्यवसायों से रंगदारी की वसूली करते हैं और फिर प्रिंस तक हवाला के जरिए पहुंचा देते हैं। पुलिस प्रिंस के गुर्गों को गिरफ्तार करती है और उनको जेल भेज देती है। वे जेल से बाहर आने के बाद फिर से सक्रिय हो जाते हैं। हालांकि पुलिस का इस बार का प्रहार प्रिंस खान की कमर तोड़ने वाला साबित हो सकता है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व एसएसपी प्रभात कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन सफेदपोश अपराधियों पर नकेल कसने का स्पष्ट संकेत दिया था जो पर्दे के पीछे से प्रिंस को मदद करते हैं। उन्होंने कहा था, अपराधी जेल में हो या बाहर, उनके सहयोगियों को बख्शा नहीं जाएगा।

अपराध पर अंकुश की उम्मीद

धनबाद में छापेमारी अपराधियों के हौसले तोड़ने का संदेश देती है। वासेपुर जैसे इलाकों में जहां गैंगवार आम था, वहां अब शांति की बहाली संभव दिख रही है। स्थानीय व्यापारी और निवासी राहत की सांस ले रहे हैं। पुलिस का कहना है कि प्रिंस के पूरे नेटवर्क की गहन जांच चल रही है, जिसमें डिजिटल साक्ष्य, बैंक लेनदेन और संपर्कों की पड़ताल शामिल है। आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा, ताकि धनबाद अपराध-मुक्त बने।

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